Haj 2026

व्यापक अवसंरचना एवं कल्याणकारी पहलों से भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए मजबूत हुआ हज प्रबंधन

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wasimshaikh
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सरकार ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और भारतीय हज समिति के माध्यम से, सऊदी अरब साम्राज्य के संबंधित अधिकारियों के समन्वय से, भारतीय हज यात्रियों के लिए अवसंरचना और सुविधाओं को आधुनिक बनाने तथा उन्हें बेहतर करने के लिए विभिन्न पहलें शुरू की हैं। कुछ प्रमुख पहलें निम्नलिखित हैं:

बुनियादी ढांचा पहल

  • मीना शिविरों में बेहतर अवसंरचना: मीना में सोफा-कम-बेड प्रदान करके पारंपरिक आवास व्यवस्था को अपग्रेड किया गया है, जिससे तीर्थयात्रियों के ठहराव के दौरान अधिक आराम, उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग और बेहतर रहने की स्थिति सुनिश्चित हुई है।

  • हाई-स्पीड ट्रेन कनेक्टिविटी: भारतीय हज यात्रियों को मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड रेल के माध्यम से यात्रा करने की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसने यात्रा के समय को काफी कम कर दिया है, सुरक्षा में सुधार किया है और समग्र यात्रा सुविधा को बढ़ाया है।

  • हज सुविधा ऐप: मंत्रालय ने हज सुविधा ऐप विकसित किया है, जो एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो तीर्थयात्रियों को हज से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे यात्रा विवरण, आवास की जानकारी, सामान की ट्रैकिंग, आपातकालीन संपर्क, शिकायत निवारण, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है, जिससे पूरी तीर्थयात्रा के दौरान संचार और सेवा वितरण में सुधार होता है।

  • मक्का में होटल-शैली का आवास: मक्का में भारतीय हज यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं और सेवाओं के साथ होटल-शैली के आवास की व्यवस्था की गई है, जिससे हज अवधि के दौरान बेहतर आराम, सुलभता और अधिक सुविधाजनक ठहराव सुनिश्चित हुआ है।

संस्थागत समन्वय

सरकार ने हज-2026 की तैयारियों के लिए मंत्रालय, भारतीय हज समिति और राज्य हज समितियों के बीच समन्वय में सुधार लाने हेतु कई उपाय किए हैं। इनमें आवधिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से संस्थागत समन्वय को मजबूत करना, सभी परिचालन गतिविधियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश एवं समय-सीमा जारी करना, तथा आवास, परिवहन, प्रशिक्षण और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए नियमित परामर्श शामिल हैं।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच हज कोटे का आवंटन नवीनतम लागू जनगणना आंकड़ों के अनुसार उनकी मुस्लिम आबादी के अनुपात में किया जाता है। तदनुसार, तमिलनाडु राज्य के हज कोटे को बढ़ाने का कोई अलग प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

कल्याण पहल

सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों पर विशेष जोर देते हुए हज यात्रियों की सुरक्षा, आराम और लॉजिस्टिक सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की हैं। प्रमुख पहलें निम्नलिखित हैं:

  • बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए अनिवार्य साथी: पूरी तीर्थयात्रा के दौरान पर्याप्त सहायता और मदद सुनिश्चित करने के लिए 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के तीर्थयात्रियों के साथ एक साथी का होना अनिवार्य है।

  • व्यापक बीमा कवरेज: प्रत्येक हज यात्री को ₹6.25 लाख तक का बीमा कवरेज प्रदान किया जाता है, जो हज यात्रा के दौरान अप्रत्याशित घटनाओं की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।

  • एसएचआई अनुपात: हज 2026 के लिए, राज्य हज निरीक्षक के अनुपात में सुधार करके इसे 1:150 कर दिया गया है, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर पहुंच और त्वरित सेवाएं सुनिश्चित हुई हैं।

  • प्रस्थान-पूर्व प्रशिक्षण: सभी चयनित हज यात्रियों को सऊदी अरब साम्राज्य के लिए उनके प्रस्थान से पहले व्यापक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें तीर्थयात्रा के अनुष्ठान, यात्रा की प्रक्रियाएं, स्वास्थ्य सलाह, सुरक्षा उपाय और डिजिटल सेवाओं का उपयोग शामिल है।

  • सऊदी अरब में चिकित्सा अवसंरचना: हज अवधि के दौरान समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सऊदी अरब साम्राज्य में प्रमुख तीर्थ स्थलों पर अस्पतालों, चिकित्सा केंद्रों और औषधालयों से युक्त चिकित्सा अवसंरचना स्थापित की गई है। सरकार भारतीय हज यात्रियों को चिकित्सा सहायता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए योग्य डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और अन्य चिकित्सा कर्मियों को सऊदी अरब साम्राज्य में प्रतिनियुक्त करती है।

इन पहलों का सामूहिक उद्देश्य विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार हज यात्रा करने वालों के लिए अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तीर्थयात्री-अनुकूल हज अनुभव प्रदान करना है।

यह जानकारी केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजीजू ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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स्रोत

प्रेस सूचना ब्यूरो, दिल्ली — केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजीजू द्वारा 22 जुलाई 2026 को राज्यसभा में दिए गए लिखित उत्तर पर आधारित।

PIB Press Release (PRID 2288037)